नीम्बू जम्भीरी के फायदे, नुक्सान एवं औषधीय गुण

Sponsored

नीम्बू जम्भीरी के फायदे, नुक्सान एवं औषधीय गुण, नीम्बू जम्भीरी की दवा:-गंठिया रोग, बुखार, स्कर्वी रोग, पेट की जलन, त्वचा रोग, चर्मरोग, खुजली, ततैया विष, शीतादि रोग आदि बिमारियों के इलाज में नीम्बू जम्भीरी की घरेलू दवाएं एवं औषधीय चिकित्सा प्रयोग निम्नलिखित प्रकार से किये जाते है:-नीम्बू जम्भीरी के फायदे, नुक्सान एवं सेवन विधि:Neemboo Jambhiri Benefits And Side Effects In Hindi.

Table of Contents

नीम्बू जम्भीरी के विभिन्न भाषाओँ में नाम

हिंदी                 –    नीम्बू जम्भीरी
अंग्रेजी             –     Jambhiri Lemon
संस्कृत            –     जम्बीर
कुल नाम         –     Rutaceae
लैटिन नाम     –      Citrus Limon L
तमिल             –     कट्टेलु मिच्चे
मराठी             –      इडलिंबु

गठिया में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

गंठिया रोग में जम्भीरी या कागजी नींबू का रस निकालकर शर्बत बनाकर नियमितरूप से सुबह-शाम तथा दोपहर पिलाने से गठिया रोग ठीक हो जाता है

बुखार में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

नींबू जम्भीरी का रस पानी और खंड के साथ मिलाकर पिलाने से बुखार में लाभ होता है।

स्कर्वी रोग में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

नींबू जम्भीरी का 2-5 मिलीलीटर स्वरस को मधु के साथ मिलाकर नियमित प्रयोग करने से स्कर्वी रोग में लाभ होता है।

पेट की जलन में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

पेट की जलन से परेशान मरीज को नींबू जम्भीरी के रस को सुबह-शाम नियमित प्रयोग करने से पेट की जलन में आराम मिलता है।

त्वचा रोग में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

त्वचा की समस्या में नींबू जम्भीरी का तेल निकालकर उसे ग्लिसरीन के साथ मिलाकर त्वचा पर लेप करने से त्वचा संबंधित सभी बिमारियों के लिए लाभदायक होता है।

Sponsored
चर्मरोग में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

चर्मरोग में नीम्बू जम्भीरी के तेल को ग्लिसरीन के साथ मिलाकर खुजली और फोड़े-फुंसियों पर लेप करने से चर्मरोग में लाभ होता है।

खुजली में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

खुजली से परेशान मरीज को नींबू जम्भीरी का रस निकालकर उसमें गन्धक मिलाकर गीली खुजली पर लेप करने से खुजली में आराम मिलता है।

ततैया विष में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

ततैया विष उतरने के लिए जम्भीरी नींबू के रस में खंड मिलाकर ततैया विष के रोगी को पिलाने से विष उत्तर जाता है।

शीतादि रोग में नीम्बू जम्भीरी के फायदे एवं सेवन विधि:

शीतादि रोग में नीम्बू जम्भीरी के पके हुए फल का रस का प्रयोग करने से शीतादि रोग में लाभ होता है।

नींबू जम्भीरी का परिचय

नीम्बू जम्भीरी का फल नारंगी के फल के समान और बहुत खट्टा होता है। नीम्बू जम्भीरी का छिलका बहुत मोटा होता है।

नीम्बू जम्भीरी के औषधीय गुण-धर्म 

जम्भीरी नींबू आमवात रोग, वात, कफ, पित्त, शूल, कास, वमन, अग्निमान्द्य और पेट के कीडे़ को नष्ट हो जाते है। इसके अतिरिक्त यह गले के रोग, आंखों के रोग, अरुचि, क्षयरोग, पित्तशूल, योनिशूल, मलस्तम्भ, तथा विसूचिका, आदि रोगों को नष्ट करता है।

नीम्बू जम्भीरी के नुकसान

जम्भीरी नीम्बू का अधिक प्रयोग करने से पेट में जलन पैदा करती है। तथा उल्टी की भी सम

Subject-Neembu Jambhiri ke Aushadhiy Gun, Neemboo Jambhiri ke Aushadhiy Prayog, Neemboo Jambhiri ke Ghareluu Upyog, Neemboo Jambhiri ke Prayog, Neemboo Jambhiri ke Labh, Neembu Jambhiri ke Fayde, Neemboo Jambhiri ke Nuksan, Neemboo Jambhiri Benefits And Side Effects In Hindi.

Sponsored

Reply

Don`t copy text!