कील मुंहासे के कारण लक्षण घरेलू दवाएं/औषधीय एवं उपचार विधि-Pimples or Acne Treatment.

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Pimples: आजकल की बदलती जीवनशैली खान-पान की वजह से लोगों को कील मुंहासे यानी पिंपल की समस्या का समना करना पड़ता है। खासकर जिनकी स्कीन त्वचा Oily (तैलीय) है, तो उन्हें ज्यादा तर पिंपल की समस्या का समना करना पड़ता है। ऐसे लोगों के मन में अक्सर ये सवाल उठता रहता है कि आखिर पिंपल की समस्या से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है। इस बात को लेकर काफी चिंतित रहते हैं। यह समस्या 14-25 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों में अधिकतर पाई जाती है। वसा ग्रन्थियों (sebaceous glands) से निकलने वाले स्राव के रुक जाने और कठोर हो जाने पर मुंहासे का रूप धारण कर लेता है। इसे ‘Akne Vulgaris’ कहते हैं। इसमें पस पड़ जाए तो इसे कील मुंहासे यानी पिंपल कहते हैं। तो दोस्तों आज हम बात करेंगें पिंपल की समस्या से छुटकारा पाने के कुछ सरल घरेलू दवाएं एवं औषधीय उपचार विधि के बारे में जो आपकी समस्या से छुटकारा दिला सकता है।

आयुर्वेदिक औषधिजड़ी-बूटी इलाज

मुंहासे (Pimples) के कारण निम्नलिखित प्रकार के हो सकते हैं जैसे: त्वचा के छिद्र बंद होने के कारण, वसा ग्रन्थियों से निकलने वाले स्राव का रुक जाना, पेट की समस्या, कब्ज या अन्य कोई समस्या, गलत खान पान के कारण, त्वचा पर अलग अलग तरह की क्रीम का प्रयोग करना, धुल, मिट्टी, पसीना और दूषित वातावरण, किशोरावस्था में हार्मोन्स परिवर्तन होना, मानसिक तनाव व चिंता भी मुँहासों का कारण, ऑयली त्वचा के कारण, ज्यादा ऑयली जंकफूड का प्रयोग करना, हार्मोन्स में बदलाव, पाचन तंत्र में गड़बड़ी, नींद पूरा न होना, अगर आप अन्य किसी रोग से सम्बंधित या गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रहें हैं तो इस गोली के साइड इफ़ेक्ट के कारण से भी आपको मुँहासे की समस्या हो सकती है।

मुंहासे पिंपल के लक्षण: किसी भी त्वचा (Skin) मुंहासे के लक्षण उस की स्थिति की गम्भीरता पर निर्भर करते हैं जैसे: छोटे छोटे दाने, गले और नाक के आसपास छोटे-छोटे दाने उबरना, ऊपरी त्वचा की सतह के निचे ठोस गांठे बनना, ऊपरी त्वचा के निचे मवाद का भरना, लाल धब्बे, काले धब्बे, सुजन, संक्रमण इत्यादि। कील मुंहासे के लक्षण होते हैं।

मुंहासे (स्कार्स) में घृतकुमारी या एलोवेरा के प्रयोग: मुंहासे की समस्या से शीघ्र छुटकारा पाने के लिए एलोवेरा या घृतकुमारी जेल (गूदा) त्वचा पर लेप करने से मुहांसे शीघ्र ही ठीक हो जाते है, साथ साथ चहरे पर निखार आता है।

चहरे की झाइयां में घृतकुमारी या एलोवेरा से उपचार: चहरे की झाइयां या झुर्रियां से ग्रसित व्यक्ति को घृतकुमारी या ग्वार पाठा का जेल त्वचा पर लेप करने से चहरे पर पडी झाइयां नष्ट हो जाती हैं तथा फेस सुन्दर एवं आकर्षक हो जाता है।

त्वचा सुंदरता में घृतकुमारी या एलोवेरा से उपाय: चहेरे (Skin) पर एलोवेरा जेल या गूदे का लेप करने से चहेरे पर आकर्षक चमक आती है और चहेरा खिल उठता है। इसे त्वचा पर लगाने से धूप से हुई जलन (Sun Burn) और कालिमा में राहत मिलती है।

मुंहासे में नींबू से इलाज: नीबू के स्वरस को चेहरे पर लेप करने से कील और मुंहासे ठीक हो जाते हैं इसके आलावा नींबू, तुलसी और काली मिर्ची, कसौंदी का स्वरस बराबर मात्रा में मिलाकर धुप में रखें दें, जब स्वरस गाढ़ा हो जाये तो मुंह पर लेप करने से मुंहासे कील नष्ट हो जाते हैं।

  • नींबू और शहद को मिलाकर चेहरे पर लेप करने से त्वचा की झुर्रियां नष्ट होने लगती हैं।
  • नींबू एवं अंडे की सफेदी में एक नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लेप करने से या गुनगुने पानी से त्वचा धोने से चेहरे पर निखार आता है।

मुंहासे में अदरक के प्रयोग: अदरक में एंटीऑक्सिडेंट पाये जाते है जो एक्जमा के लक्षण को कम करने में मदद करती है। तथा त्वचा पर होने वाले मुंहासे, काले धब्बे, दाग, फुंसिया आदि में अदरक गुणकारी सिद्ध हुई है। अदरक का नियमित सेवन करने से आपकी त्वचा बिल्कु साफ और स्वाफ्ट रहती।

मुहांसे (चर्मकील) में दूधी से उपचार: चेहरे पर मुंहासे और दाद पर दूधी घास का दूध लगाने से मुहांसे जड़ से नष्ट हो जाता है।

मुहांसे में अनार से उपाय: कील, मुहांसे, धब्बे, झुर्रियां आदि में अनार लाभकारी होता है, अनार के रस को चेहरे पर लेप करने से मुहांसे कील आदि में लाभ होता है। तथा चेहरे पर निखार आता है और चेहरा सुंदर दिखने लगता है।

मुंह की झाइंया में अर्जुन से इलाज: मुंह की झांइयां में अर्जुन की अंतर् पिपड़ी पीसकर शहद के साथ मिलाकर त्वचा पर लेप करने से मुंह की झाइयां नष्ट हो जाती हैं।

मुंह की झांई में आक के प्रयोग: मुँह की झाँई में आक के दुग्ध 5-7 बूँद हल्दी के 3 ग्राम चूर्ण को गुलाब जल में घोटकर आँखों को बचाकर झाई-युक्त स्थान पर लेप करने से मुंह की झांई व धब्बे नष्ट हो जाते है।

मुहांसे में अशोक से उपचार: मुहांसे कील में अशोक की छाल का काढ़ा उबाल लें, काढ़ा गाढ़ा होने पर इसे ठंडा करके, इसमें बराबर की मात्रा में सरसों का तेल मिला लें। अब इस तैयार काढ़े का प्रयोग मुहांसों, फोड़ों, फुंसियों पर नियमित करने से मुहांसे कील नष्ट हो जाती है।

त्वचा की सुंदरता में अशोक से उपाय: चेहरे की सुंदरता को बरकरा रखने के लिए अशोक छाल के साथ सरसों को पीसकर छाया में सुखा लें, अब इसका प्रयोग त्वचा पर करने से त्वचा पर निखार जाती है।

मुहांसे में बरगद से इलाज: कील मुहाँसे में बरगद के 5-6 कोमल पत्तों को या बरगद जटा को 10-20 ग्राम मसूर के साथ पीसकर लेप करने से मुहांसे दूर हो जाते हैं। इसके आलावा बरगद की जड़ के पीले पके पत्तों के साथ, लाल चंदन, चमेली के पत्ते, कूट, काला अगर और पठानी लोध 1-1 भाग, सबको एक साथ जल में पीसकर लेप करने से मुहांसे, झाई आदि दूर हो जाते है।

त्वचा में चमेली के प्रयोग: त्वचा की सुंदरता को बरकरा रखने के लिए चमेली के 10-20 फूलों को पीसकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे पर निखार आती है।

मुहांसे कील में इलायची से उपचार: मुहाँसे कील की समस्या से निदान पाने के लिए रात में इलायची का सेवन करने से या सोने से पहले गर्म पानी के साथ एक इलायची खाने से स्किन की समस्याओं से आराम मिलता है।

चेहरे का तिल में अरंडी से उपाय: तिल मस्से (चेहरे के तिल) में अरंड पत्र के वृन्त पर थोड़ा चूना लगाकर तिल पर बार-बार रगड़ने से चेहरे के तिल निकल जाते हैं।

त्वचा में गाजर से इलाज: गर्मियों के मौसम में गाजर का रस पीने से, त्वचा के लिए एक शक्तिशाली प्राकृतिक सूर्य ब्लॉक के रूप में कार्य करती है। ये त्वचा को मुलायम रखने का काम करती है और मुँहासे, कील, दाग-धब्बे से त्वचा का बचाव करती है। तथा इसके अलावा, गाजर त्वचा को स्वस्थ, चमकदार और जीवंत रखने के लिए भी गुणकारी होती है।

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त्वचा में गेंदा फूल के प्रयोग: गेंदा के फूल में ताकतवर हर्ब सूदिंग प्रॉपर्टीज यानि शांति कारक गुण होते हैं। इसलिए गेंदा के फूलों का इस्तेमाल करने से त्वचा की जलन कम हो जाती है। चोट लगने पर त्वचा को ठीक करने के लिए भी गेंदा के एक्सट्रेक्ट युक्त क्रीम का इस्तेमाल फायदेमंद होता है।

त्वचा कोमल में हल्दी से उपचार: हल्दी और नीम की पत्तियों के पांच ग्राम चूर्ण को मक्खन में मिलाकर लेप करने से त्वचा कोमल और कांतिवान हो जाती है, तथा इसके प्रयोग से चेहरा निखर जाता है।

चेहरे की कोमलता में हल्दी से उपाय: चेहरे को कोमल एवं स्वफ्ट रखने में हल्दी शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम नियमित सेवन करने से चेहरे पे निखार आता है।

चेहरे की सुंदरता में कनेर से इलाज: उबटन (चेहरे की सुंदरता) में सफेद कनेर के फूलों को पीसकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की सुंदरता बढ़ती है। इसके आलावा कनेर के प्रयोग से कील मुंहासे और दाग धब्बे नष्ट हो जाते हैं।

चेहरे की झांई में लता करंज के प्रयोग: चेहरे की झांई में लता करंज तेल में समभाग नीबू का रस मिलाकर खूब मठ लें, जब पीले रंग का सुंदर घोल तैयार हो जाये तो इसका प्रयोग चेहरे की झांई नष्ट कर देता है। तथा कण्डू, झाई, विचर्चिका आदि चर्म रोग भी दूर हो जाते हैं।

त्वचा के लाल चट्टे में मकोय से उपचार: त्वचा के लाल चट्टे में मकोय के अर्क की थोड़ी मात्रा को शरीर पर लेप करने से बहुत दिनों के लाल चट्टे मिट जाते हैं।

त्वचा के रोग में मूली से उपाय: त्वचा की नमी बनाए रखने में मूली के फायदे मूली हमारे स्वस्थ और त्वचा को फिट रखने में लाभदायक होती है। मूली स्किन को कोमल तथा झुर्रियों रहित और चमकीला बनाये रखने में मदद करती है।

कील मुंहासे में मूली के प्रयोग: मुंहासे और काले धब्बे को नष्ट करने के लिए भी मूली का रस प्रयोग में लाया जाता है। इसके आलावा त्वचा संबंधी समस्या में सबसे ज्यादा मूली के बीज का प्रयोग किया जाता है।

त्वचा रोग में नीम्बू जम्भीरी से उपचार: त्वचा की समस्या में नींबू जम्भीरी का तेल निकालकर उसे ग्लिसरीन के साथ मिलाकर त्वचा पर लेप करने से त्वचा संबंधित सभी बिमारियों के लिए लाभदायक होता है।

त्वचा की सुंदरता में निर्गुन्डी से उपाय: त्वचा की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए निर्गुन्डी के पत्तों का प्रयोग करने से त्वचा से रूखापन चेहरे से कील मुंहासों को नष्ट करने में निर्गुन्डी बहुत गुणकारी होती है। निर्गुन्डी के प्रयोग सही मात्रा में करने से त्वचा की सुंदरता बढ़ जाती है।

कील-मुंहासे में नीम के प्रयोग: कील मुंहासे में नीम की जड़ को पानी में घिसकर लगाने से कील मुंहासे नष्ट हो जाते है। और चेहरा सुंदर हो जाता है।

मुख की झाई में पवांड़ से उपचार: मुँह की झाई में पवांड़ के 50 ग्राम बीजों के महीन चूर्ण को 1 किलोग्राम गाय के मठठे में 3 दिन भिगोकर लेप करने से खाज खुजली मुख की झाई आदि दूर होती है। परहेज में नमक, खटाई, बैगन, अचार, आरबी, उड़द की दाल, तली चीजों का सेवन नहीं करना चहिए।

त्वचा रोग में पीपल से उपाय: त्वचा रोग में पीपल से निकलने वाली लाख कडुवी, स्निग्ध, लघु, बल्य, भग्न सन्धानकारक वरणप्रद एवं शीतल होती है। इसका प्रयोग त्वचा के लिए लाभदायक होता है।

चेहरे की झुर्रियां में पुनर्नवा से इलाज: चेहरे की झुर्रियां में पुनर्नवा के पंचाग के चूर्ण को गाय के दूध और चीनी के साथ सेवन करने से चेहरे की झुर्रियां नष्ट हो जाती है।

त्वचा लाल होने पर राई के प्रयोग: त्वचा के लाल होने पर राई के तेल की मालिश करने से 10-20 मिनट में त्वचा के लालिमा नष्ट हो जाती है। राई का लेप 1 भाग राई चूर्ण 3 गुना गेंहू या चावल का आटा, ठंडे जल में घोलकर आवश्यकतानुसार बनाकर प्रयोग करने से त्वचा के रोग ठीक हो जाते है।

त्वचा रोग में सत्यानाशी से उपचार: त्वचा रोग से छुटकारा पाने के लिए सत्यानाशी त्वचा संक्रमण को रोकने में गुणकारी होती है। सत्यानाशी पौधे की किसी शाखा के टूटने पर इसमें से दूध जैसे तरल पदार्थ निकलता है। इस दूध का प्रयोग हम त्वचा रोग को ठीक करने में ले सकते है। सत्यानाशी के दूध का प्रयोग एक्जिमा, पामा, खुजली, फोड़े, और त्वचा के अल्सर जैसी समस्या त्वचा संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है।

चेहरे की सुंदरता में कनेर से उपाय: उबटन (चेहरे की सुंदरता) में सफेद कनेर के फूलों को पीसकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की सुंदरता बढ़ती है। कनेर के प्रयोग से कील मुंहासे और दाग धब्बे नष्ट हो जाते है।

त्वचा की मस्से में सेहुड़ से इलाज: त्वचा की मस्से में त्वचा के ऊपर जो मस्से और दूसरे कठोर फोड़ा-फुंसी हो जाते हैं। सेहुंड के दूध का लेप करने से मस्से नष्ट हो जाते है।

कील-मुंहासे में तिल से उपचार: कील-मुंहासे की समस्या से छुटकारा पाने के लिए तिल और सिरस की छाल में सिरका मिलाकर मुंह पर लेप करने से कील-मुहांसे ठीक हो जाते हैं।

त्वचा की सुंदरता में तुलसी से उपाय: त्वचा की सुंदरता पाने के लिए तुलसी के तेल को मुंह पर लेप करने से चेहरा का रंग साफ़ हो जाता है।

चेहरे के दाग में तुलसी से इलाज: चेहरे के दाग से छुटकारा पाने के लिए तुलसी की जड़ को पीसकर प्रातःकॉल सौंठ मिलाकर जल के साथ प्रयोग करने से चेहरे के दाग नष्ट हो जाते हैं। तुलसी की जड़ को पीसकर मधु के साथ दिन में 3-4 बार चेहरे पर लेप करने से चेहरे की सुंदरता निखरती है।

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