कैंसर के कारण, लक्षण, प्रकार, घरेलू दवाएं/आयुर्वेदिक औषधि एवं उपचार विधि

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कैंसर क्या होता है What is Cancer?
समाज के बदलते हुए लाइफस्टाइल और गलत खानपान की आदतों के कारण से कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड रहा है। इन्हीं बिमारियों में से कैंसर भी है कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही लोग भयभीत हो जाते हैं। दिनों-दिन कैंसर से ग्रसित लोगों की सख्या बढ़ती जा रही है। अगर समय से कैंसर को पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है। यह रोग गला, जीभ, स्तन, गर्भाशय, जबडे, तालू, होंठ, गाल, रक्त, अन्ननलिका, अंडकोश, स्त्री जननेंद्रिय, मस्तिष्क आदि शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। इस बीमारी से बचने के लिए अपने खानपान का विशेष ध्यान दें। आज हम आपको कैंसर के कुछ सरल घरेलू उपचार से अवगत करने जा रहे हैं जिसके प्रयोग से आपका कैंसर 100% ठीक हो जायेगा।

आयुर्वेदिक औषधिजड़ी-बूटी इलाज

कैंसर के प्रकार:- मुंह या गले का कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ब्रेन कैंसर, स्टमक कैंसर, बोन कैंसर, पेंक्रियाटिक कैंसर, प्रोस्टेट कैंसरगर्भाशय कैंसर, ब्लैडर कैंसर, किडनी कैंसर, लंग कैंसर, त्वचा कैंसर, थायरॉड कैंसर इत्यादि।

कैंसर के लक्षण:- मुंह में छाले होना, लगातार खांसी आना, गले में दर्द, यादाशत का कम होना, ब्रैस्ट में गांठ पड़ना, स्तन में गाँठ, कुछ भी निगलने में दिक़्कत होना, मीनोपॉस के बाद ख़ून आना इत्यादि।

कैंसर में घृतकुमारी या एलोवेरा के प्रयोग: घृतकुमारी/एलोवेरा का रस हमारे शरीर के सभी प्रकार के कैंसर को ख़त्म करने में हमारी मदद करता है। घृतकुमारी अथवा ग्वार पाठा में जितने भी विटामिन्स हैं सभी जल में घुलनशील होते हैं, जो आसानी से शरीर के द्वारा अबशोषित कर लेते है तथा हमारे शरीर के कैंसर को नष्ट करने में हमारी मदद करते हैं।

कैंसर में गिलोय के इलाज: कैंसर से पीड़ित रोगियों को जौहर के साथ गिलोय स्वरस मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कैंसर ठीक हो जाता है। तथा इसके प्रयोग से बहुत सारे कैंसर के रोगी को आराम मिला है। गिलोय लगभग 2 फुट लम्बी तथा एक अंगुली जितनी मोटी, 10 ग्राम गेहूं की हरी पत्तियां लेकर थोड़े से पानी में पीस लें और कपड़े से निचोड़ कर 1 कप रस का सेवन कैंसर जैसे भयानक रोग से शीघ्र छुटकारा मिलता है।

कैंसर में अदरक के उपचार: अदरक में पाये जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट पेट में कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर देते है। अदरक में एपोप्टोसिस (Apoptosis) भी पाये जाते है जो टूयूमर एवं कैंसर कोशिकाओं की प्रगति नष्ट करने में हमारी मदद करते है। अदरक में एंटी-ओक्सिडेंट गुण भी पाये जाते है। जो कैंसर को नष्ट करने में हमारी मदद करती है।

कैंसर में अनार के प्रयोग: कैंसर में अनार का जूस लाभदायक होता है। अनार में फ्लेवोनॉइड्स नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है. फ्लेवोनॉइड्स कैंसर नाशक होता है. तथा कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है।

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कैंसर में बकायन के उपचार: कैंसर में अर्बुद पर 10-20 नीम पत्रों के साथ बकायन के 10-20 पत्रों को पीसकर पुल्टिस बनाकर बांधने से कैंसर में लाभ होता है।

कैंसर में बेल के इलाज: कैंसर अथवा कार्बन्कल नामक भयंकर जहरीले व्रणों के सुधार हेतु बेल पत्तों की पुल्टिस, पत्ररस से या काढ़ा से प्रक्षालन, तथा साथ ही नित्य 25 ग्राम तक पत्र रस दिन में दो-तीन बार सेवन करने से भयंकर कैंसर नष्ट हो जाता है।

कैंसर में गाजर के उपाय: कैंसर में गाजर जूस का सेवन करना चाहिए क्योंकि गाजर में पाये जाने वाले पोषक तत्व (फायटोनुट्रिएंट्स) कैंसर को बढ़ावा देने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने में हमारी मदद करते हैं और कैंसर को बाधित करते हैं, तथा गाजर के जूस में कैरोटिनॉइड और एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व से भरपूर होने के कारण हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। अथवा हमारे शरीर की इम्युनिटी को शक्ति प्रदान करती है।

कैंसर में गेंदा फूल के उपचार: वैज्ञानिक के अनुसार गेंदा के फूल में पाये जाने वाले एन्टीऑक्सिडेंट कैंसर को नष्ट करने में निपुण होता है। गेंदा के फूल-तना-पत्ती तथा पौधा में कैंसर से लड़ने की अत्यधिक शक्ति पाई जाती है। गेंदा के फूल-तना-पौधा का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम नियमित रूप सेवन करने से कैंसर में लाभ होता है।

कैंसर में हल्दी के उपाय: कैंसर से छुटकारा पाने के लिए आप अपने खाने में हल्दी को शामिल करें। हल्दी कैंसर सैल्स को बढ़ने से रोकती है।

कैंसर में मूली के इलाज: मूली में विटामिन सी, फोलिक एसिड और एंथोसायनिन पोषक तत्व पाये जाते है जो कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने तथा उनका विनाश करने में हमारी मदद करती है। कैंसर के मरीज को मूली खिलाने से कैंसर की समस्या से लड़ने की शक्ति प्रदान होती है।

कैंसर में सहिजन के प्रयोग: कैंसर एक बहुत ही गंभीर समस्या है इससे छुटकारा पाने के लिए सहिजन की 20 ग्राम छाल का काढ़ा बनाकर आरोग्य वर्धिनी 2 गोली के साथ दिन में दो-तीन बार सेवन करने से कैंसर रोग में लाभ होता हैं।

गाय का मूत्र हमारे शरीर के कई बीमारीयों को नष्ट करता है। रोजाना दिन में 2-3 बार गाय का मूत्र पीने से कैंसर के रोगी को काफी फायदा मिलता है।

कैंसर से पीड़ित मरीज को हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट ताम्बे के बर्तन में पानी पीने से कैंसर में अत्यधिक लाभ होता है। तांबे के बर्तन में पानी पीने से सिर्फ कैंसर ही नहीं बल्कि और भी कई बीमारीयों से छुटकारा मिलता है।

कैंसर के कारण, लक्षण, प्रकार, घरेलू दवाएं/आयुर्वेदिक औषधि एवं उपचार विधि/Cancer, Reason, Symptoms, type Home Medicines in Hindi

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