भूख बढ़ाने और भूख न लगने के घरेलू उपाय-Bhukh Badhane Ke Gharelu Upay in Hindi

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भूख न लगने के प्रमुख कारणों में अपच, अनिद्रा, मानसिक चिंता, क्रोध, दुःख, शारीरिक कष्ट, मानसिक कष्ट, बिना मन के काम करना, अनियमित जीवन शैली , शारीरिक बदलाव, माहवारी आदि कारण होते हैं। युवा अवस्था में काफी लोग भूख वृद्धि के उपाय अक्सर इंटरनेट पे खोजते रहते हैं दुबले पतले शरीर वाले लोगों के लिए भूख बढ़ाने की आयुर्वेदिक औषधि किसी वरदान से कम नहीं होती है। स्वास्थ को सही रखने के लिए भूख लगना सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है। क्योंकि शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व भोजन से ही प्राप्त होते हैं जिंदगी में अपने जीवन को लम्बे समय तक चलाने के लिए भोजन एक बहुत ही अहम् हिस्सा बन चुका है। यदि आपको भूख कम लगती है या फिर सही तरिके से अपने भोजन को नहीं खा पा रहे है तो यह एक जटिल समस्या का कारण है इस समस्या से निदान पाने के लिए हमारे इस औषधीय का प्रयोग करें, इन औषधियों के प्रयोग से आपके भूख में वृद्धि हो जाएगी।

आयुर्वेदिक औषधिजड़ी-बूटी इलाज

भूख ना लगने के कारण: भूख कम लगना या बिल्कुल भूख न लगना, इसके कई प्रमुख कारण हो सकते हैं। जैसे: ख़राब जीवनशैली, पाचन शक्ति का कमजोर होना, पेट खराब रहना, पेट में कीड़े, संक्रमण होना, बहुत ज्यादा चाय पीना, अत्यधिक धूम्रपान करना, भोजन का सही से ना पच पाना, पेट में कब्ज बना रहना अदि।

अरुचि (भूख न लगने) में तेजपात के प्रयोग से घरेलू इलाज

भूख बढ़ाने के लिए तेजपात का रायता बनाकर सुबह-शाम खाने से भूख की वृद्धि होती हैं।

भूख वृद्धि में सौंठ/अदरक के प्रयोग से घरेलू उचापर

भूख वृद्धि में 2 ग्राम सौंठ का चूर्ण घी के साथ अथवा केवल सौंठ का चूर्ण गर्म पानी के साथ प्रतिदिन प्रातःकाल सेवन करने से भूख में वृद्धि होती है। अदरक का अचार बनाकर खाने से भी भूख बढ़ती है।

भूख की वृद्धि में शरपुन्खा के प्रयोग से घरेलू उपाय 

मंदाग्नि (भूख की वृद्धि) में शरपुखे की 11 ग्राम कड़वी जड़ को 250 ग्राम पानी में उबालकर सुबह-शाम सेवन करने से भूख बढ़ती है।

भूख की वृद्धि में सहिजन/सरसों के प्रयोग से घरेलू उपचार

मंदाग्नि (भूख की वृद्धि) में सहिजन की ताजी जड़, सरसों और अदरक को समभाग पीसकर 1-2 ग्राम की गोली बनाकर 2-4 गोली का सुबह-शाम सेवन करने से भूख में वृद्धि होती है।

भूख की वृद्धि में राई के प्रयोग से घरेलू इलाज

भूख की वृद्धि में राई का आटा 500 मिलीग्राम सुबह-शाम तथा दोपहर शहद के साथ चाटने से भूख की वृद्धि होती है।

भूख की वृद्धि में पुनर्नवा के प्रयोग से घरेलू इलाज

भूख के न लगने पर पुनर्नवा मूल के 4 ग्राम चूर्ण को पीसकर मधु के साथ खाने से भूख बढ़ती है।

भूख की वृद्धि में पिप्पली के प्रयोग से घरेलू उपचार

भूख की वृद्धि में पिप्पली 3 ग्राम को 1 गिलास पानी में पकाकर चतुर्थाश शेष रहने पर छानकर 1 चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम पीने से भूख की वृद्धि होती है।

भूख न लगने पर नीम के प्रयोग से घरेलू उपाय

अरुचि भूख न लगने पर नीम के 8-10 कोमल पत्तों को घी में भूनकर खाने से भूख में वृद्धि होती है।

भूख की वृद्धि में नागरमोथा के प्रयोग से घरेलू उपचार

भूख बढ़ाने में नागरमोथा 10 ग्राम तथा पित्तपापड़ा 10 ग्राम दोनों का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम भोजन से 1 घंटा पहले पीने से भूख की वृद्धि होती है।

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भूख न लगने पर लाल मिर्च के प्रयोग से घरेलू इलाज

अरुचि (भूख नहीं लगना) पित्त प्रकोप के कारण जिसको भोजन के प्रति अरुचि उत्पन्न हो गई हो या भूख न लगती हो  उसको आवश्कतानुसार मिर्च के बीजों को तेल की 5-10 बूँद बतासे में भरकर या खंड के साथ खिलाने से भूख खुल जाती हैं।

भूख न लगने पर इमली के प्रयोग से घरेलू उपाय

अरुचि (भूख न लगना) में पके इमली का पानी पीने से भूख बढ़ती हैं आँतों के घाव मिटते हैं।

भूख वृद्धि में हरड़ के प्रयोग से घरेलू इलाज

मंदग्नि (भूख न लगना) में 2 ग्राम हरड़ तथा 1 ग्राम सोंठ को गुड़ अथवा 250 मिलीग्राम सैंधा नामक के साथ सेवन करने से भूख खुल कर लगने लगती है।

भूख न लगना में गुड़हल पुष्प के प्रयोग से घरेलू उपचार

अरुचि (भूख न लगना) गुड़हल के 100 फूल तथा पंखुड़ियों को नीबू के स्वच्छ स्वरस में रात भर किसी खुले स्थान पर कांच के बर्तन में मुंह बंद कर रख दें, प्रातः काल पीस छानकर इसमें 650 ग्राम मिश्री व खंड 1 बोतल शुद्ध गुलाब जल मिलाकर बंद कर धूप में दो तीन दिन तक रख रहे। उसके बाद 15 से 40 मिलीलीटर की मात्रा नियमित पिलाते रहने से खुलकर भूख लगती है।

भूख वृद्धि में गन्ना के प्रयोग से घरेलू इलाज

भूख की वृद्धि में गन्ने के रस को धूप में या आग में तपाकर, एक उफान आने पर शीशी या चीनी मिटटी के बर्तन में भरकर रखें। एक सप्ताह बाद प्रयोग करें। यह उत्तम पाचक स्वादिष्ट होता हैं, अरुचि को दूर करता हैं। इसके कुल्ले करने से कंठरोध साफ़ हो जाता हैं। मात्रा 10 से 20 ग्राम होनी चाहिए।

भूख वृद्धि में बबूल के प्रयोग से घरेलू उपचार

अरुचि (अधिक भूख न लगना) बबूल की कोमल फलियों के अचार में सेंधा नमक मिलाकर खिलाने से भूख बढ़ती, तथा पाचन क्रिया में सुधार होती है।

मंदाग्नि (भूख न लगना) में अनन्तमूल के प्रयोग से घरेलू उपाय

भूख न लगने में अनन्तमूल का चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में प्रातःसांय गाय दूध के साथ सेवन करने से पाचन क्रिया बढ़ती है।

भूख वृद्धि में आँवला के प्रयोग से घरेलू इलाज

भूख न लगने पर पके हुये आवलों को घियाकस कर उसमें बराबर की मात्रा में काली मिर्च, सोंठ, सैंधा नमक, भूना जीरा और हींग मिलाकर, छाया में सुखाकर सेवन करने से भूख लगने लगती है।

भूख न लगने पर कचनार के प्रयोग से घरेलू उपचार

कचनार के फूल की कलियां को देशी घी में भूनकर सुबह-शाम नियमित रूप से खाने से भूख बढ़ती है।

भूख न लगने में नींबू के प्रयोग से घरेलू उपाय

नींबू के शर्बत में दो गुना पानी, 1-2 नग लौंग और काली मिर्च पीसकर स्वरस पीने से भूख खुल जाती है। इसके अलावा नींबू को दो भागों में काटकर काला नमक बुरक के चाटने से भी भूख खुल जाती है।

भूख वृद्धि में सेंधा नमक/काली मिर्च के प्रयोग से घरेलू उपाय

सेंधा नमक और काली मिर्च को फालसे के साथ मिलाकर खाने से भूख बढ़ती है।

भूख बढ़ाने और भूख न लगने के घरेलू उपाय-Bhukh Badhane Ke Gharelu Upay in Hindi

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